8वें वेतन आयोग की नई मांगें: न्यूनतम वेतन 65,000 रुपये करने का प्रस्ताव
65000 बेसिक सैलरी, HRA और DA... 8वें वेतन आयोग से अब नई मांग
Aaj Tak
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8वें वेतन आयोग ने पुणे में मीटिंग के दौरान न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 65,000 रुपये करने की मांग की है। इसके अलावा, एचआरए, टीए-डीए में वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की भी मांग की गई है। ये बदलाव महंगाई के कारण कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक माने जा रहे हैं।
- 01न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये करने की मांग की गई है।
- 02एचआरए की दरों को 10%, 20%, 30% से बढ़ाकर 12%, 24%, 36% करने की मांग की गई है।
- 03फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.8 करने का सुझाव दिया गया है।
- 04पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग की जा रही है।
- 05पेंशन में 20% की अतिरिक्त बढ़ोतरी की मांग की गई है।
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8वें वेतन आयोग ने हाल ही में पुणे में एक महत्वपूर्ण मीटिंग की, जिसमें कई कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा की गई। महाराष्ट्र राज्य जुनी पेंशन संगठन (MSOPO) ने न्यूनतम वेतन को मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये करने की मांग की है। इसके अलावा, एचआरए की दरों को 10%, 20%, 30% से बढ़ाकर 12%, 24%, 36% करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। आयोग ने फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.8 करने की मांग को भी सुना है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की भी मांग की जा रही है, जिससे 85 लाख NPS कर्मचारियों को लाभ होगा। इसके अलावा, पेंशन में 20% की बढ़ोतरी का लाभ 75 साल की आयु से देने की मांग की गई है। ये सभी मांगें महंगाई के दौर में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक मानी जा रही हैं।
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यदि न्यूनतम वेतन और एचआरए में वृद्धि होती है, तो कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनकी खरीदारी क्षमता बढ़ेगी।
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