भारत के तीन मुख्यमंत्रियों पर अमेरिकी प्रोपेगेंडा का असर
DNA: योगी-धामी-हिमंता यूएस के टारगेट पर क्यों? हिंदुओं के खिलाफ अमेरिकी प्रोपेगेंडा का सच
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भारत की सुरक्षा के लिए घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमंता बिस्वा सरमा और पुष्कर सिंह धामी को अमेरिका की एक संस्था द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। यह आरोप भारत विरोधी नैरेटिव का हिस्सा हैं।
- 01अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
- 02मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में 2017 से 2025 तक 10,000 से अधिक एनकाउंटर हुए हैं।
- 03असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ NRC प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
- 04उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान कानूनी अधिकारों के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया।
- 05भारत के विदेश मंत्रालय ने यूएस कमीशन की रिपोर्ट को पक्षपाती और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।
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भारत अपनी सामरिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रहा है, जिससे अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम ने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस संस्था ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमंता बिस्वा सरमा और पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधा है। योगी आदित्यनाथ के शासन में उत्तर प्रदेश में 2017 से 2025 तक 10,000 से अधिक एनकाउंटर हुए, और लव जिहाद के खिलाफ कानून बने। हिमंता बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई की और NRC प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। पुष्कर सिंह धामी ने समान कानूनी अधिकारों के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को पक्षपाती और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है, यह आरोप लगाते हुए कि यह संस्था भारत के खिलाफ एक राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा है।
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भारत में सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर अमेरिकी रिपोर्टों का प्रभाव पड़ सकता है।
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