पावर कॉरपोरेशन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर उपभोक्ता परिषद का दबाव
स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर उठ रहे सवालोंं का पावर कॉरपोरेशन ने नहीं दाखिल किया जवाब, उपभोक्ता परिषद ने मोर्चा खोला
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उत्तर प्रदेश, भारत में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से संबंधित शिकायतों पर विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन को जवाब देने का आदेश दिया था, लेकिन प्रबंधन ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। उपभोक्ता परिषद ने इस लापरवाही के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
- 01पावर कॉरपोरेशन ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर आयोग के सवालों का जवाब नहीं दिया।
- 02उपभोक्ता परिषद ने आयोग से कार्रवाई की मांग की है।
- 03नए कनेक्शन केवल प्रीपेड मोड में दिए जा रहे हैं।
- 04प्रीपेड में परिवर्तन उपभोक्ताओं की सहमति के बिना किया जा रहा है।
- 05यह कार्यवाही विद्युत अधिनियम-2003 का उल्लंघन है।
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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से संबंधित शिकायतों के मामले में विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को 10 दिनों के भीतर जवाब देने का आदेश दिया था, लेकिन प्रबंधन ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। इस लापरवाही पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग से दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन खुद को फंसता हुआ पा रहा है, जिससे वह जवाब देने से बच रहा है। इसके अलावा, प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन केवल प्रीपेड मोड में दिए जा रहे हैं और मौजूदा पोस्टपेड कनेक्शनों को उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड में बदला जा रहा है, जो विद्युत अधिनियम-2003 का उल्लंघन है।
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यदि पावर कॉरपोरेशन की कार्रवाई जारी रहती है, तो उपभोक्ताओं को बिना सहमति के प्रीपेड मीटर में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
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