अवध विश्वविद्यालय और ठाकुर रामसिंह संस्थान के बीच अनुसंधान सहयोग का समझौता
ऐतिहासिक और मौलिक अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा, अवध विश्वविद्यालय और ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान के बीच MoU हस्ताक्षरित
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डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या और ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, हिमाचल प्रदेश ने शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मौलिक अनुसंधान, प्रशिक्षण, और अकादमिक गतिविधियों में सहयोग को बढ़ावा देगा।
- 01समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना है।
- 02ठाकुर रामसिंह संस्थान 2002 में स्थापित हुआ और भारतीय इतिहास के 22 प्रमुख आयामों पर शोध कर रहा है।
- 03संस्थान में शोधार्थियों के लिए पुस्तकालय, छात्रावास और अतिथि गृह जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- 04समझौते के तहत अतिथि व्याख्यान, अनुसंधान परियोजनाएं और शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- 05यह समझौता तब तक प्रभावी रहेगा जब तक दोनों पक्ष इसे समाप्त नहीं करते।
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डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच मौलिक अनुसंधान, कौशल आधारित प्रशिक्षण, और शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर समन्वय स्थापित करना है। ठाकुर रामसिंह संस्थान, जो 2002 में स्थापित हुआ, भारतीय इतिहास को भारतीय दृष्टिकोण से लिखने और शोध करने के उद्देश्य से कार्यरत है। यह संस्थान इतिहास के 22 प्रमुख आयामों पर शोध करता है और शोध पुस्तकों का प्रकाशन, संगोष्ठियों का आयोजन करता है। समझौते के तहत, दोनों संस्थान अतिथि व्याख्यान, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, और छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देंगे। प्रो. अनूप कुमार ने इसे दोनों संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
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इस समझौते से शोध और शैक्षणिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को लाभ होगा।
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