रूस से सस्ते तेल की छूट खत्म होने से भारत पर पड़ सकता है बड़ा असर
रूस से सस्ता तेल बंद? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की चेतावनी से भारत पर क्या असर

Image: Ndtv
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रूस से सस्ते तेल पर दी गई छूट को समाप्त करने की चेतावनी दी है। इससे भारत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85% से अधिक आयात करता है। यदि छूट समाप्त होती है, तो तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई और आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- 01भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाकर रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंचा दिया है।
- 02रूस से सस्ते तेल पर निर्भरता भारत के लिए महंगाई और आर्थिक विकास के लिए खतरा बन सकती है।
- 03अमेरिका के राजनीतिक दबाव के कारण रूस से दी गई छूट समाप्त हो सकती है।
- 04भारत की 85% से अधिक कच्चे तेल की जरूरतें आयात से पूरी होती हैं।
- 05तेल की कीमतों में वृद्धि से पेट्रोल, डीजल, और खाद्य महंगाई में वृद्धि हो सकती है।
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी है कि अमेरिका रूस से सस्ते तेल पर दी गई छूट को समाप्त करने की योजना बना रहा है। यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा व्यापार की मौजूदा स्थिति और अमेरिका की नीति पर निर्भर करेगा। यदि छूट समाप्त होती है, तो इसका सीधा असर भारत पर पड़ेगा, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85% से अधिक आयात करता है। भारत ने यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस से सस्ते तेल का आयात बढ़ा लिया है, जिससे उसकी निर्भरता बढ़ गई है। मई में भारत का रूसी तेल आयात रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया था। छूट समाप्त होने पर, भारत को उच्च कीमतों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे महंगाई और आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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रूस से सस्ते तेल पर निर्भरता समाप्त होने से भारत को उच्च तेल कीमतों का सामना करना पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी।
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