अदालत ने बीमा कंपनी को ठहराया जिम्मेदार, विजय अग्रवाल को मिलेंगे 3.5 लाख रुपये
बीमा कंपनी की मनमानी पर अदालत की सख्ती: इलाज का क्लेम ठुकराया, अब देना होगा ब्याज समेत 3.5 लाख रुपये
Amar Ujala
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विजय अग्रवाल ने बीमा कंपनी के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया, जिसमें उनकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम ठुकराने का आरोप लगाया गया। अदालत ने बीमा कंपनी को 3.5 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया, जिसमें ब्याज भी शामिल है।
- 01विजय अग्रवाल ने बीमा कंपनी के खिलाफ मामला दायर किया।
- 02बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम ठुकराया गया था।
- 03अदालत ने बीमा कंपनी को 3.5 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।
- 04क्लेम के ठुकराने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया।
- 05अग्रवाल को इलाज के लिए 1.25 लाख रुपये का खर्च उठाना पड़ा।
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दयालबाग के जगनपुर बेला निवासी विजय अग्रवाल ने बीमा कंपनी के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम को बिना कारण बताए ठुकरा दिया गया। 30 दिसंबर, 2022 को, उन्होंने और उनकी पत्नी मधुर लता अग्रवाल ने 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराया था। 2 दिसंबर, 2023 को सीने में दर्द के बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 1.25 लाख रुपये का खर्च आया और डॉक्टर ने बाईपास सर्जरी की सलाह दी। बीमा कंपनी ने कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं दी और क्लेम भी निरस्त कर दिया। अदालत ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह विजय अग्रवाल को ब्याज समेत 3.5 लाख रुपये का भुगतान करे।
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इस फैसले से अन्य बीमा धारकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने में मदद मिलेगी।
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