भारत का अग्नि-6 मिसाइल परीक्षण: दुनिया में हलचल, MIRV तकनीक से बढ़ी ताकत
अग्नि-6 या MIRV? भारत के सीक्रेट से दुनिया में खलबली, धुएं की लकीर पकड़ने में उलझे चीन-पाक
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भारत ने 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिसमें MIRV (Multiple Independently Targeted Re-Entry Vehicle) तकनीक का उपयोग किया गया। यह परीक्षण भारत को दुनिया के उन देशों में शामिल करता है जिनके पास यह उन्नत तकनीक है, जिससे उसकी सामरिक क्षमता में वृद्धि हुई है।
- 01भारत ने अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो MIRV तकनीक से लैस है।
- 02यह परीक्षण भारत को दुनिया के छठे देश के रूप में स्थापित करता है जो MIRV तकनीक का उपयोग करता है।
- 03NOTAM जारी करने से संकेत मिलता है कि परीक्षण का दायरा 3500 किलोमीटर से अधिक था।
- 04मिसाइल में कई वॉरहेड होते हैं जो अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला कर सकते हैं।
- 05परीक्षण के बाद भारत ने कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, जिससे अटकलें बढ़ गईं।
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भारत ने 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिसमें MIRV (Multiple Independently Targeted Re-Entry Vehicle) तकनीक का उपयोग किया गया। इस परीक्षण के दौरान, एक ही मिसाइल में कई वॉरहेड थे, जो अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला कर सकते हैं। NOTAM के अनुसार, परीक्षण के लिए 3500 किलोमीटर से अधिक का हवाई क्षेत्र निर्धारित किया गया था, जो इसे एक महत्वपूर्ण सैन्य विकास बनाता है। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जिनके पास यह उन्नत तकनीक है, जिसमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन शामिल हैं। हालांकि, भारत सरकार ने इस परीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, जिससे दुनिया भर में अटकलें बढ़ गई हैं कि क्या यह अग्नि-6 का परीक्षण था या कोई अन्य हाइपरसॉनिक मिसाइल।
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यह परीक्षण भारत की सामरिक शक्ति को बढ़ाता है और संभावित सुरक्षा खतरों के प्रति एक मजबूत संदेश भेजता है।
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