बिहार में अवैध खनन रोकने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल
बिहार में अवैध खनन रोकने को विभाग अपनाएगा हाईटेक तकनीक, बॉडी वार्न कैमरे का होगा इस्तेमाल
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बिहार के खान एवं भू-तत्व विभाग ने अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर रोक लगाने के लिए हाईटेक तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। बाडी वार्न कैमरे और डिजिटल निगरानी तंत्र के जरिए कार्रवाई को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।
- 01बिहार में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
- 02बाडी वार्न कैमरे से निगरानी और लाइव वीडियोग्राफी की जाएगी।
- 03विभाग ने 2025-26 में 50 हजार से अधिक छापे मारे हैं।
- 04अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में 82 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- 05पुलिस और परिवहन विभाग की तकनीकी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा।
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बिहार के खान एवं भू-तत्व विभाग ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए अपनी जांच प्रक्रिया को हाईटेक बनाने का फैसला किया है। विभाग अब बाडी वार्न कैमरे और अन्य डिजिटल साक्ष्य आधारित निगरानी तंत्र का उपयोग करेगा। सहायक निदेशक आनंद प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अवैध खनन और परिवहन की कार्रवाई को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। विभाग ने 2025-26 में 50 हजार से अधिक छापे मारे, जिसमें 2727 एफआईआर दर्ज की गई और 700 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, 6214 वाहनों को जब्त किया गया और 82 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी वसूला गया। विभाग अब अन्य राज्यों में अपनाए गए सर्वोत्तम मॉडलों का अध्ययन करेगा ताकि अवैध खनन पर प्रभावी रोकथाम की जा सके।
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इस तकनीक के लागू होने से अवैध खनन माफियाओं पर अंकुश लगेगा और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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