यमुना बाजार के निवासी दिल्ली सरकार के खिलाफ कोर्ट जाएंगे
DM एक्ट में घर तोड़ने का नियम नहीं, यमुना बाजार के निवासी जाएंगे कोर्ट; दिल्ली सरकार के खिलाफ खोला माेर्चा
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यमुना बाजार के निवासी और पंडित दिल्ली सरकार के द्वारा जारी 15 दिनों में मकान खाली करने के नोटिस को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। वे उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि DM एक्ट में मकान तोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
- 01यमुना बाजार के निवासियों ने 15 दिनों में मकान खाली करने का नोटिस चुनौती देने का निर्णय लिया है।
- 02स्थानीय पंडित राकेश शर्मा का कहना है कि DM एक्ट में ध्वस्तीकरण का प्रावधान नहीं है।
- 03निवासी उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने की योजना बना रहे हैं।
- 04सांसद ने निवासियों को मुख्यमंत्री से मिलने का आश्वासन दिया है।
- 0552 और घरों को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है।
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यमुना बाजार, नई दिल्ली के निवासी और पंडित, जिला प्रशासन द्वारा जारी 15 दिनों में मकान खाली करने के नोटिस को कानूनी चुनौती देने की योजना बना रहे हैं। स्थानीय पंडित राकेश शर्मा ने कहा कि DM एक्ट में ध्वस्तीकरण का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे उनकी स्थिति मजबूत होती है। निवासियों का कहना है कि उच्च न्यायालय द्वारा घाट के 300 मीटर के दायरे में पुनर्वास का आदेश आज तक लागू नहीं हुआ है। सांसद ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मिलने की व्यवस्था करेंगे ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। इस बीच, यमुना बाजार में 52 और घरों को खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया है।
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यदि निवासियों की याचिका सफल होती है, तो यह उन्हें बेदखली से बचा सकता है और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
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