सतना के रामलोटन कुशवाहा ने अपनी तेरहवीं का जश्न मनाने का अनोखा फैसला किया
पीएम मोदी ने जिसकी तारीफ की, जिंदा रहते खुद की 'तेरहवीं' कर रहा वो शख्स, छपवाए शोक संदेश वाले कार्ड
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
सतना जिले के अत्रबेदिया गांव के रामलोटन कुशवाहा ने अपनी तेरहवीं का आयोजन जीवित रहते हुए करने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए शोक संदेश जैसे निमंत्रण कार्ड छपवाए हैं, ताकि समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सराहना की है।
- 01रामलोटन कुशवाहा ने अपनी तेरहवीं का आयोजन जीवित रहते किया है।
- 02इस आयोजन का उद्देश्य देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
- 03कुछ लोगों ने उनके फैसले का मजाक उड़ाया, जिससे उन्होंने यह कदम उठाने का निर्णय लिया।
- 04प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलोटन के कार्यों की सराहना की है।
- 05रामलोटन औषधीय पौधों और स्वदेशी फसलों के संरक्षण के लिए जाने जाते हैं।
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सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र के अत्रबेदिया गांव के रामलोटन कुशवाहा ने अपनी तेरहवीं का आयोजन जीवित रहते करने का अनोखा निर्णय लिया है। उन्होंने 13 मई को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए शोक संदेश जैसे निमंत्रण कार्ड छपवाए हैं और रिश्तेदारों को न्योता देना शुरू कर दिया है। उनका यह कदम समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए है। रामलोटन ने अपनी मृत्यु के बाद अपनी देह सतना के सरकारी मेडिकल कॉलेज को दान करने का संकल्प लिया है। हालांकि, कुछ लोगों ने उनके इस फैसले का मजाक उड़ाया, जिससे उन्होंने यह निर्णय लिया कि वे अपनी तेरहवीं का आयोजन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रामलोटन के कार्यों की सराहना की है, और उन्हें 2024 में भोपाल में राज्य जैव विविधता सम्मान से नवाजा जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से रामलोटन समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि देहदान जैसे महान फैसले को स्वार्थ से जोड़कर देखना गलत है।
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रामलोटन के इस कदम से समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोग इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से देखेंगे।
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