भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय रखा जाएगा
कौन थे बरकतउल्ला भोपाली? जिनके नाम पर भोपाल में है यूनिवर्सिटी, अब वाग्देवी भोजपाल विश्विद्यालय होगी

Image: News 18 Hindi
भोपाल का बरकतउल्ला विश्वविद्यालय अब मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा लिया गया है और इसका उद्देश्य राजा भोज की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है।
- 01बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम 1988 में मौलाना बरकतउल्ला भोपाली के सम्मान में रखा गया था।
- 02बरकतउल्ला भोपाली स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों में से एक थे और उन्होंने 1915 में भारत की पहली निर्वासित सरकार का गठन किया।
- 03नया नाम 'मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' राजा भोज की विरासत को सम्मानित करने के लिए रखा गया है।
- 04बरकतउल्ला का अधिकांश जीवन विदेशों में व्यतीत हुआ, जबकि राजा भोज ने भोपाल क्षेत्र की सांस्कृतिक नींव रखी।
- 05यह नाम परिवर्तन भारतीय ज्ञान परंपरा को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
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भोपाल का बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) अब मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया है और इसे उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन को भेजा गया है। मौलाना बरकतउल्ला भोपाली का नाम 1988 से इस विश्वविद्यालय के साथ जुड़ा हुआ था, लेकिन अब नाम परिवर्तन का उद्देश्य राजा भोज की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है। बरकतउल्ला भोपाली स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण नेता थे, जिन्होंने 1915 में भारत की पहली निर्वासित सरकार का गठन किया। उनके जीवन का अधिकांश हिस्सा विदेशों में बीता, जबकि राजा भोज ने भोपाल की सांस्कृतिक और शैक्षिक नींव रखी। नया नाम 'वाग्देवी' ज्ञान की देवी सरस्वती का प्रतीक है, जिसे राजा भोज ने भोजशाला में स्थापित किया था। यह बदलाव भारतीय ज्ञान परंपरा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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इस नाम परिवर्तन से स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और शिक्षा के क्षेत्र में नई बहस छिड़ गई है।
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