मागवा: दुनिया का बहादुर चूहा जिसने बचाई हजारों जिंदगियां
दुनिया का सबसे बहादुर चूहा, जिसने 70 से ज्यादा Landmines का लगाया था पता, फिर बना हजारों लोगों के लिए हीरो
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
मागवा, एक अफ्रीकी नस्ल का चूहा, ने कंबोडिया में लैंड माइन और बमों का पता लगाकर हजारों लोगों की जानें बचाईं। 71 बारूदी सुरंगों और 38 विस्फोटकों का पता लगाकर, उसने अपने काम से लोगों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की। 2021 में रिटायर होने के बाद, 2022 में उसकी मृत्यु हो गई।
- 01मागवा ने 71 बारूदी सुरंगों का पता लगाया और 38 विस्फोटकों को खोज निकाला।
- 02उसे PDSA द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, जो किसी चूहे को मिला पहला पुरस्कार है।
- 03मागवा ने 1.4 लाख स्क्वायर मीटर जमीन की पड़ताल की, जो लगभग 20 फुटबॉल मैदानों के बराबर है।
- 04वह अपने हल्के वजन के कारण बारूदी सुरंगों को सक्रिय नहीं करता था।
- 05मागवा के बाद रोनिन नाम का एक और प्रशिक्षित चूहा इस जिम्मेदारी को संभाल रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
मागवा, एक अफ्रीकी नस्ल का चूहा, ने अपनी अद्वितीय क्षमता से कंबोडिया में लैंड माइन और बमों का पता लगाकर हजारों लोगों की जानें बचाईं। अपने करियर में, उसने 71 बारूदी सुरंगों और 38 जिंदा विस्फोटकों का पता लगाया, जिससे कई खतरनाक इलाकों को सुरक्षित बनाया गया। मागवा का वजन केवल 1.2 किलोग्राम था और उसकी लंबाई 70 सेंटीमीटर थी, जिससे वह बारूदी सुरंगों के ऊपर चलने पर उन्हें सक्रिय नहीं करता था। उसे ब्रिटेन की संस्था PDSA द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, जो किसी चूहे को मिलने वाला पहला पुरस्कार था। 2021 में रिटायर होने के बाद, मागवा का निधन जनवरी 2022 में हुआ। उसके बाद रोनिन नाम का एक और प्रशिक्षित चूहा इस जिम्मेदारी को संभाल रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
मागवा की खोजों ने कंबोडिया में कई खतरनाक इलाकों को सुरक्षित बनाया, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा में सुधार हुआ।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि जानवरों को भी मान्यता मिलनी चाहिए जब वे मानवता की सेवा करते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



