एलपीजी संकट: बिक्री में भारी गिरावट से लोग वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहे हैं
LPG सिलेंडर छोड़ दूसरे ऑप्शन पर शिफ्ट हो रहे लोग, आंकड़े देखकर पेट्रोलियम मिनिस्ट्री भी हैरान!
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अप्रैल में एलपीजी की बिक्री में 13% की गिरावट आई है, जिससे लोग वैकल्पिक ईंधनों की ओर बढ़ रहे हैं। घरेलू ग्राहकों के लिए बिक्री 1,982 हजार मीट्रिक टन रही, जो पिछले वर्ष के 2,229 टीएमटी से कम है। इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव उत्तर भारत में देखा गया है, जहां बिक्री में 17% की कमी आई है।
- 01एलपीजी की घरेलू बिक्री में 11% की कमी आई है, जो 1,982 हजार मीट्रिक टन रही।
- 02कमर्शियल सिलेंडर की बिक्री 208.5 टीएमटी से घटकर 187 टीएमटी रह गई है।
- 03इंडस्ट्री में एलपीजी सप्लाई में 82% की गिरावट आई है, जिससे कई उद्योगों ने वैकल्पिक ईंधनों की ओर रुख किया है।
- 04उत्तर भारत में एलपीजी की बिक्री में 17% की गिरावट आई है।
- 05सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी से चलने वाले वाहनों के लिए सप्लाई को 86% तक बढ़ा दिया है।
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अप्रैल 2023 में एलपीजी की बिक्री में 13% की गिरावट आई है, जो वैश्विक ऊर्जा संकट का परिणाम है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बाधा आई है, जिससे एलपीजी की घरेलू और कमर्शियल बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घरेलू ग्राहकों के लिए एलपीजी की बिक्री 1,982 हजार मीट्रिक टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 2,229 टीएमटी से 11% कम है। कमर्शियल सिलेंडर की बिक्री भी 208.5 टीएमटी से घटकर 187 टीएमटी रह गई है। इस संकट का सबसे अधिक असर उत्तर भारत पर पड़ा है, जहां बिक्री में 17% की कमी आई है। इसके अलावा, उद्योगों में एलपीजी सप्लाई में 82% की भारी गिरावट आई है, जिससे कई उद्योगों को वैकल्पिक ईंधनों की ओर रुख करना पड़ा है। सरकारी तेल कंपनियों ने इस स्थिति को संभालने के लिए एलपीजी से चलने वाले वाहनों के लिए सप्लाई को 86% तक बढ़ा दिया है।
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यह संकट घरेलू उपयोगकर्ताओं और उद्योगों पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है, जिससे लोगों को वैकल्पिक ईंधनों की ओर बढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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