कानपुर में खाद्य तेल और दालों की कीमतों में तेजी
कानपुर के किराने बाजार में महंगाई की मार, 8 रुपये तक चढ़े दाल के भाव, तेल में भी उछाल
Jagran
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कानपुर के किराना और थोक बाजार में खाद्य तेल और दालों की कीमतों में तेजी आई है, जिसमें अरहर (तुअर) दाल की कीमत 127 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। मांग बढ़ने और आपूर्ति में कमी के चलते यह वृद्धि हुई है, जबकि अमेरिकी डॉलर की महंगाई भी एक महत्वपूर्ण कारण है।
- 01अरहर फूल चैत दाल की थोक कीमत एक सप्ताह में 8 रुपये बढ़कर 127 रुपये प्रति किलो हो गई है।
- 02सरसों के तेल में 10 रुपये प्रति लीटर का उछाल आया है, जबकि राइस ब्रान तेल 13 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।
- 03दालों की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण देश में अरहर और चना दाल की बढ़ती खपत और आपूर्ति में कमी है।
- 04अमेरिकी डॉलर की महंगाई ने आयातित दाल और तेल की कीमतों को बढ़ाने में योगदान दिया है।
- 05अरहर और चना दाल का मुख्य आयात अफ्रीकी देशों और ऑस्ट्रेलिया से किया जाता है।
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कानपुर के किराना और थोक बाजारों में खाद्य तेलों और दालों की कीमतों में हाल के दिनों में तेजी आई है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मांग में वृद्धि और आपूर्ति में कमी ने कीमतों को प्रभावित किया है। अरहर (तुअर) दाल की थोक कीमत 127 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो पिछले सप्ताह 8 रुपये बढ़ी है। इसी तरह, सरसों के तेल में 10 रुपये प्रति लीटर और राइस ब्रान तेल में 13 रुपये प्रति लीटर का उछाल आया है। इस वृद्धि का मुख्य कारण देश में इन दालों की बढ़ती खपत और आयातित तेलों की महंगाई है, जो अमेरिकी डॉलर की कीमत में वृद्धि के कारण हो रहा है। अरहर और चना दाल का आयात मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों और ऑस्ट्रेलिया से किया जाता है।
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यह वृद्धि आम जनता के लिए खाद्य खर्च को बढ़ा सकती है, जिससे घरेलू बजट पर असर पड़ेगा।
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