उपभोक्ताओं की नाराजगी: बिना अनुमति प्री-पेड मीटर में परिवर्तन पर उठे सवाल
बिना अनुमति के बिजली के मीटर Pre-Paid करने पर भड़के उपभोक्ता, बोले- पहले की तरह पोस्टपेड करा दीजिए
Jagran
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं ने बिना अनुमति के उनके पोस्ट-पेड मीटर को प्री-पेड में बदलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने बिजली विभाग से सवाल किया कि यह निर्णय क्यों लिया गया और बकायेदारों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
- 01उपभोक्ताओं ने बिना अनुमति मीटर बदलने पर नाराजगी जताई।
- 02बिजली विभाग ने प्री-पेड मीटर के फायदे बताए।
- 03बकायेदारों पर कार्रवाई की कमी पर सवाल उठाए गए।
- 04मुख्य अभियंता ने नीतिगत मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया।
- 05उपभोक्ताओं को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा उनके पोस्ट-पेड मीटर को बिना अनुमति प्री-पेड में बदलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया से उन्हें परेशान किया जा रहा है, खासकर जब बकायेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने उपभोक्ताओं को बताया कि प्री-पेड मीटर के कई फायदे हैं और यदि कोई उच्च स्तरीय आदेश आता है तो उसका पालन किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में पोस्ट-पेड से प्री-पेड में परिवर्तन का कोई आदेश नहीं है। उपभोक्ताओं ने बकायेदारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की और शिकायतों के समाधान का आश्वासन मांगा। कई उपभोक्ताओं ने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का उल्लेख किया, जिनका समाधान करने का विभाग ने आश्वासन दिया।
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इस स्थिति से उपभोक्ताओं को वित्तीय और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो समय पर बिल का भुगतान कर रहे हैं।
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