उत्तर प्रदेश के उपभोक्ता: बिना पूछे प्री-पेड मीटर में बदलाव पर सवाल उठाए
मेरा मीटर पहले की तरह पोस्टपेड करा दीजिए, बिना पूछे प्री-पेड क्यों किया? UP के उपभोक्ताओं के 16 सवाल और उनका जवाब
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उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग पर बिना अनुमति के उनके पोस्ट-पेड मीटर को प्री-पेड में बदलने का आरोप लगाया है। लखनऊ के मुख्य अभियंता ने प्री-पेड मीटर के लाभ बताए, लेकिन उपभोक्ताओं ने बकाया वसूली में असमानता और समस्याओं का हवाला दिया।
- 01उपभोक्ताओं ने बिना अनुमति के मीटर बदलने पर नाराजगी जताई।
- 02मुख्य अभियंता ने प्री-पेड मीटर के फायदे बताए।
- 03बड़े बकाएदारों पर कार्रवाई की कमी की शिकायत।
- 04प्री-पेड मीटर के आदेशों का पालन करने की बात की गई।
- 05उपभोक्ताओं को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया।
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उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग पर आरोप लगाया है कि उनके पोस्ट-पेड मीटर को बिना अनुमति के प्री-पेड में बदल दिया गया है। उपभोक्ताओं ने इस बदलाव के कारणों और इसके परिणामों पर सवाल उठाए हैं। लखनऊ मध्य के मुख्य अभियंता, रवि कुमार अग्रवाल ने प्री-पेड मीटर के फायदे बताते हुए कहा कि यदि वरिष्ठ स्तर से कोई आदेश आता है, तो उसका पालन किया जाएगा। उपभोक्ताओं ने बकाया वसूली में असमानता और समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया। कई उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि उन्हें समय पर बिल जमा करने के बावजूद समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें फिर से पोस्ट-पेड मीटर दिया जाए। मुख्य अभियंता ने सभी शिकायतों का समाधान करने का आश्वासन दिया।
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यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय और मानसिक तनाव का कारण बन रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो समय पर बिल का भुगतान करते हैं।
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