इस्लामाबाद वार्ता में परमाणु मुद्दा बना बाधा, अमेरिका ने 20 साल बैन की मांग की
इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के पीछे परमाणु मुद्दा बड़ी वजह! US ने रखी थी 20 साल बैन की मांग
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इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल हो गई, जिसमें अमेरिका ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल की रोक लगाने की मांग की। ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कम समय सीमा का सुझाव दिया, जिससे बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
- 01अमेरिका ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल की रोक की मांग की।
- 02ईरान ने अमेरिका की मांग को खारिज करते हुए सिंगल डिजिट समय सीमा का प्रस्ताव दिया।
- 03वार्ता में असहमति के कारण कोई समझौता नहीं हो सका।
- 04अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयानों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
- 05पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की ने वार्ता में मध्यस्थता की थी।
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इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता में अमेरिका ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल की रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, ईरान ने इस मांग को खारिज करते हुए केवल सिंगल डिजिट समय सीमा का विकल्प पेश किया। वार्ता में असहमति के कारण कोई नतीजा नहीं निकल सका। अमेरिकी वार्ताकारों ने ईरान से सभी उच्च संवर्धित यूरेनियम को हटाने की मांग की, जबकि ईरान ने डाउन-ब्लेंडिंग प्रक्रिया का प्रस्ताव दिया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयानों ने वार्ता को और बिगाड़ दिया, जिससे ईरानी पक्ष नाराज हो गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि मतभेदों को दूर करने के लिए प्रयास जारी हैं। इस बीच, अमेरिका ने ईरान से जुड़े जहाजों पर नाकेबंदी का ऐलान किया है।
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इस वार्ता के विफल होने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है, जो स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
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