भारत की ऊर्जा तस्वीर बदलने के लिए कोयले से गैस बनाने की ₹37,500 करोड़ की योजना
कोयले से गैस बनाएगी सरकार! ₹37,500 करोड़ की स्कीम से बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीर
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भारत सरकार ने कोयले से गैस और अन्य उत्पाद बनाने के लिए ₹37,500 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य देश में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देना और विदेशों से महंगी गैस के आयात को कम करना है। इससे 50,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
- 01सरकार ने कोयले से गैस बनाने के लिए ₹37,500 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है।
- 02इस योजना से 50,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
- 03भारत का आयात बिल कम करने का लक्ष्य है।
- 04कंपनियों को 30 साल तक कोयला आपूर्ति की गारंटी दी जाएगी।
- 05सरकार घरेलू तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
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भारत सरकार ने कोयले से गैस और उससे जुड़े उत्पादों के निर्माण के लिए ₹37,500 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देना और विदेशों से महंगी गैस, यूरिया, और अन्य केमिकल्स के आयात को कम करना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह योजना भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार का अनुमान है कि इस योजना से 2.5 लाख करोड़ से 3 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आ सकता है, जिससे करीब 50,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। कंपनियों को कोयले से गैस बनाने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी, जिसमें मशीनरी और प्लांट लागत का अधिकतम 20 प्रतिशत प्रोत्साहन शामिल है।
इस योजना के तहत कंपनियों को 30 साल तक कोयला आपूर्ति की गारंटी दी जाएगी, जिससे वे लंबे समय तक निवेश कर सकें। सरकार का मानना है कि इससे देश का आयात बिल कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी, साथ ही यह 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' मिशन को भी मजबूती प्रदान करेगा।
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इस योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कोयला उत्पादन वाले क्षेत्रों में आर्थिक विकास होगा।
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