भारत में तेल कंपनियों के घाटे का आकलन करेगी सरकार: केंद्रीय मंत्री
सरकार ने कहा: तेल कंपनियों को कितना हुआ घाटा, इसका आकलन करेंगे; पर हमारे पास पर्याप्त स्टॉक
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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के बढ़ते घाटे का आकलन करेगी। ओएमसी को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, और चालू तिमाही में घाटा 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
- 01सरकार ओएमसी के घाटे का आकलन करेगी।
- 02ओएमसी को प्रतिदिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
- 03चालू तिमाही में घाटा 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
- 04ईंधन की कीमतों में वृद्धि का चुनाव परिणामों से कोई संबंध नहीं।
- 05भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है।
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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को बताया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के बढ़ते घाटे का आकलन करेगी। ओएमसी को प्रतिदिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, और चालू तिमाही में यह घाटा 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। मंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में ईंधन की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि अंतिम बढ़ोतरी 2022 में हुई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि का राज्यों के चुनाव परिणामों से कोई संबंध नहीं है। पुरी ने यह जानकारी दी कि भारत के पास कच्चे तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के लिए पर्याप्त भंडार है, जो क्रमशः 60 दिनों और 45 दिनों तक चल सकता है।
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यदि ओएमसी का घाटा बढ़ता है, तो ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता पर असर पड़ेगा।
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