RBI ने FY27 के लिए महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.1% किया
महंगाई पर RBI की चिंता बढ़ी! FY27 के लिए CPI अनुमान बढ़ाकर 5.1% किया, तेल कीमतों ने बढ़ाया दबाव

Image: Business Standard
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई दर (CPI) का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया है। बढ़ती ऊर्जा कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताएं महंगाई पर दबाव बना रही हैं। RBI ने मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने की आवश्यकता जताई है।
- 01RBI ने FY27 के लिए महंगाई दर का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% किया।
- 02बढ़ती ऊर्जा कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताएं महंगाई को प्रभावित कर रही हैं।
- 03आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) में रेपो रेट को स्थिर रखा।
- 04संजय मल्होत्रा ने कहा कि ऊंची ऊर्जा कीमतें आर्थिक वृद्धि में नरमी ला रही हैं।
- 05विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ब्याज दरों को प्रभावित कर सकती है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई दर (CPI) का अनुमान 5.1% तक बढ़ा दिया है, जो पहले 4.6% था। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बढ़ती ऊर्जा कीमतों, वैश्विक अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन में संभावित व्यवधानों का उल्लेख किया, जो महंगाई पर दबाव बना रहे हैं। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और तटस्थ रुख बनाए रखा है। मल्होत्रा ने कहा कि ऊंची ऊर्जा कीमतों का असर आर्थिक वृद्धि में नरमी और महंगाई में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई दे रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत की घरेलू आर्थिक गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ सकती है।
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महंगाई दर में वृद्धि से उपभोक्ताओं के लिए वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे उनकी खरीदारी की शक्ति प्रभावित हो सकती है।
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