आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा, लोन ईएमआई पर राहत
लोन की ईएमआई पर राहत बरकरार: आरबीआई एमपीसी ने 5.25% पर स्थिर रखी रेपो रेट, न्यूट्रल स्टांस जारी

Image: Globalherald
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और महंगाई के दबाव के बीच लिया गया है। जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.6% किया गया है।
- 01आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है, जिससे लोन की ईएमआई पर राहत बनी रहेगी।
- 02ग्लोबल स्तर पर आर्थिक चुनौतियों के कारण भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% किया गया है।
- 03चालू खाते के घाटे पर बढ़ते दबाव के कारण महंगाई दर का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% किया गया है।
- 04आरबीआई ने विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के नियमों को सरल बनाया है।
- 05भारत के पास बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई के दबाव और आर्थिक विकास की चुनौतियों के बीच लिया गया। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत की आंतरिक आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.6% कर दिया गया है। इसके अलावा, चालू खाते के घाटे पर बढ़ते दबाव के चलते महंगाई दर का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% किया गया है। आरबीआई ने विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के नियमों को सरल बनाया है और अनिवासी भारतीयों के लिए शेयर बाजार में निवेश की सीमा बढ़ाई है। गवर्नर ने आश्वस्त किया कि भारत के पास बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार है।
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लोन की ईएमआई पर राहत बनी रहेगी, जिससे आम लोगों को वित्तीय बोझ कम होगा।
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