इंदौर में एसी-कूलर के बिना ठंडा रहेगा घर, ईको फ्रेंडली निर्माण तकनीक का उपयोग
45 डिग्री तापमान में भी बिना एसी-कूलर के घर रहेगा ठंडा, इंदौर में तैयार हो रहा ईको फ्रेंडली घर

Image: News 18 Hindi
इंदौर, मध्य प्रदेश में एक अनोखा घर बनाया जा रहा है जो 45 डिग्री तापमान में भी ठंडा रहेगा, बिना एसी या कूलर की आवश्यकता के। यह घर पारंपरिक निर्माण तकनीकों का उपयोग करते हुए तैयार किया जा रहा है, जिससे बिजली की खपत भी कम होगी और पर्यावरण की रक्षा होगी।
- 01राजेंद्र सिंह (पर्यावरणविद्) इस परियोजना पर काम कर रहे हैं, जो पारंपरिक और वैज्ञानिक निर्माण शैलियों को जोड़ता है।
- 02यह घर लॉरी बेकर की 'रेट ट्रैप मेजोनरी' तकनीक का उपयोग कर बनाया जा रहा है।
- 03घर की दीवारों में विशेष आकार की ईंटें और उनके बीच गैप रखा गया है, जिससे गर्मी का असर कम होता है।
- 04छत को डोम आकार में बनाया गया है, जो बिना सरिए के भी मजबूत है।
- 05विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकें बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण समाधान हो सकती हैं।
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इंदौर, मध्य प्रदेश में एक अनोखा ईको फ्रेंडली घर तैयार किया जा रहा है, जो 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी ठंडा रहेगा। इस घर का निर्माण पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक निर्माण तकनीकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्होंने लॉरी बेकर की 'रेट ट्रैप मेजोनरी' तकनीक का चयन किया है। इस तकनीक में दीवारों के बीच गैप छोड़ा जाता है, जो गर्मी को अंदर आने से रोकता है। घर की नींव लगभग पांच फीट गहरी है और इसमें पत्थर, चूना और सीमेंट का उपयोग किया गया है। दीवारों में विशेष आकार की ईंटें लगाई जाती हैं, जिससे गर्मी का असर कम होता है। छत को डोम आकार में तैयार किया गया है, जो बिना सरिए के भी मजबूत होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पारंपरिक और सस्टेनेबल तकनीकें भविष्य में बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और बिजली की खपत को देखते हुए बहुत उपयोगी साबित हो सकती हैं।
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इस घर के निर्माण से स्थानीय निवासियों को गर्मी से राहत मिलेगी और बिजली की खपत में कमी आएगी।
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