सीएम योगी के बयान पर मुस्लिम धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया: मस्जिदों में ही होगी नमाज
सीएम योगी के नमाज बयान के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कही बड़ी बात, मस्जिदों और ईदगाहों में ही होगी नमाज
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने की टिप्पणी के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि ईद-उल-अजहा की नमाज इस बार भी मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा की जाएगी। कई धर्मगुरुओं ने इस निर्णय का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक बयान बताया।
- 01मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नमाज मस्जिदों में अदा की जानी चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर इसकी अनुमति नहीं होगी।
- 02मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि मुसलमान वर्षों से मस्जिदों में नमाज अदा करते आ रहे हैं।
- 03मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि नियम सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
- 04बरेलवी संप्रदाय के धर्मगुरुओं ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया, यह कहते हुए कि नमाज शांत स्थानों पर होनी चाहिए।
- 05मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने योगी की टिप्पणी को 'निराधार' और राजनीतिक बताया।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने के खिलाफ बयान दिया था, जिसके बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि ईद-उल-अजहा की नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग पालियों में नमाज की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमान वर्षों से मस्जिदों में नमाज अदा कर रहे हैं और हमेशा कानून-व्यवस्था का पालन करते रहे हैं। वहीं, मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि नियम सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। बरेलवी संप्रदाय के प्रमुख धर्मगुरुओं ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया, यह कहते हुए कि नमाज केवल साफ-सुथरे और शांत स्थानों पर ही अदा की जानी चाहिए। हालांकि, कुछ धर्मगुरुओं ने इसे राजनीतिक बयान बताया और कहा कि नमाज को सार्वजनिक स्थानों पर अदा करना उचित नहीं है। इस वर्ष ईद-उल-अजहा 28 मई को मनाई जाएगी।
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इस निर्णय से मुस्लिम समुदाय को मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिलेगी, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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