जबलपुर में शराब दुकान हटाने की मांग पर बढ़ा राजनीतिक तनाव
शराब दुकान हटाने की मांग पर सियासत तेज, प्रशासन ने जारी किया नोटिस

Image: Globalherald
जबलपुर के रांझी क्षेत्र में आंबेडकर पार्क के पास खोली गई नई शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय निवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को नोटिस जारी करते हुए धरना समाप्त करने का आदेश दिया है, जबकि आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं।
- 01प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को नोटिस जारी किया, जिसमें धरना समाप्त करने की हिदायत दी गई है।
- 02कांग्रेस नेता राजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चल रहे इस धरने को प्रशासन ने अवैध घोषित किया है।
- 03स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान खुलने से महिलाओं और परिवारों को असुविधा हो रही है।
- 04प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे तब तक विरोध जारी रखेंगे जब तक दुकान को हटाया नहीं जाता।
- 05प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देश की अनदेखी करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जबलपुर के रांझी क्षेत्र में आंबेडकर पार्क के पास खोली गई नई शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय निवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध तेज हो गया है। पिछले दो हफ्तों से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि धरने के आयोजन के लिए कोई वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी, जो नियमों का उल्लंघन है। कांग्रेस नेता राजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चल रहे इस धरने को प्रशासन ने अवैध घोषित कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शराब दुकान खुलने से महिलाओं और स्थानीय परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक यह दुकान हटाई नहीं जाती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देश की अनदेखी करने पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इस स्थिति से प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की संभावना बढ़ गई है।
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स्थानीय निवासियों को शराब दुकान के खुलने से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर महिलाओं और परिवारों के लिए।
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