भारत में अल्ट्रा रिच की संख्या में तेजी, मुंबई सबसे बड़ा केंद्र
भारत बना अल्ट्रा रिच का हॉटस्पॉट, दुनिया में छठे नंबर पर; मुंबई सबसे आगे
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वैश्विक प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब 30 मिलियन डॉलर (लगभग ₹250 करोड़) से अधिक संपत्ति रखने वाले लोगों की संख्या के मामले में दुनिया में छठे स्थान पर है। मुंबई में देश के 35.4% अल्ट्रा रिच निवास करते हैं, जो इस शहर को भारत का प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाता है।
- 01भारत में अल्ट्रा रिच की संख्या 2021 से 2026 के बीच 63% बढ़कर 19,877 हुई।
- 02मुंबई में 35.4% अल्ट्रा रिच निवास करते हैं।
- 03भारत में अरबपतियों की संख्या 2026 तक 207 होने का अनुमान है।
- 04बेंगलुरु का प्राइम रियल एस्टेट मूल्य 9.4% बढ़ा है।
- 05भारत में अल्ट्रा रिच की संख्या 2031 तक 25,217 होने की उम्मीद है।
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वैश्विक प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक की 20वीं Wealth Report के अनुसार, भारत अब 30 मिलियन डॉलर (लगभग ₹250 करोड़) से अधिक संपत्ति रखने वाले लोगों की संख्या में दुनिया में छठे स्थान पर है। 2021 से 2026 के बीच भारत में अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (UHNWI) की संख्या 63% बढ़कर 19,877 हो गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मुंबई में देश के 35.4% अल्ट्रा रिच निवास करते हैं, जो इसे भारत का प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाता है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक UHNWI की संख्या 7,13,626 हो गई है, जिसमें औसतन रोज 89 नए UHNWI जुड़े हैं। भारत में अरबपतियों की संख्या भी पिछले पांच वर्षों में 58% बढ़कर 207 होने का अनुमान है। इसके अलावा, बेंगलुरु का प्राइम रियल एस्टेट मूल्य 9.4% बढ़कर 8वें स्थान पर पहुंच गया है।
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अल्ट्रा रिच की बढ़ती संख्या से मुंबई में रियल एस्टेट बाजार में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
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