जम्मू में इबोला वायरस के संदिग्ध मरीज का मॉकड्रिल, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की जांच
पूर्वाभ्यास : इबोला वायरस से संक्रमित मरीज आया तो मची अफरा-तफरी

Image: Amar Ujala
जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इबोला वायरस के संदिग्ध मरीज का मॉकड्रिल किया गया। यह अभ्यास भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निर्देश पर किया गया, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा करना था।
- 01जम्मू में इबोला वायरस के संदिग्ध मरीज का मॉकड्रिल रविवार को किया गया।
- 02गंग्याल स्थित राजीव गांधी अस्पताल को क्वारंटीन केंद्र बनाया गया है।
- 03आईसीएमआर के निर्देशों के अनुसार, अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग की जाएगी।
- 04इबोला वायरस के मुख्य लक्षण तेज सिरदर्द, डायरिया, उल्टी और रक्तस्राव हैं।
- 05संदिग्ध मरीज के नमूनों की जांच जीएमसी की वायरस रिसर्च लैब में की जाती है।
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जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को इबोला वायरस के संदिग्ध मरीज का मॉकड्रिल किया गया। यह अभ्यास भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निर्देश पर किया गया, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन तैयारियों की जांच करना था। एंबुलेंस के माध्यम से संदिग्ध मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. पूनम सेठी की देखरेख में की गई इस मॉकड्रिल में प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता और अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों ने भाग लिया। गंग्याल स्थित राजीव गांधी अस्पताल को क्वारंटीन केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है, जिसमें 28 बेड की व्यवस्था की गई है। आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर कड़ी स्क्रीनिंग की जाएगी। इबोला वायरस के लक्षणों में तेज सिरदर्द, डायरिया, उल्टी और रक्तस्राव शामिल हैं।
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जम्मू में इबोला वायरस के संदिग्ध मरीज के मॉकड्रिल से स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा हुई है।
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