सीजेआई सूर्यकांत ने लंदन में सुलभ न्याय का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया
लंदन कार्यक्रम में सीजेआई सूर्यकांत ने रखा सुलभ न्याय का विजन

Image: Globalherald
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने लंदन में एक कार्यक्रम में न्यायपालिका की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि न्याय केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए सुलभ होना चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता और सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
- 01सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अदालतों को केवल अमीरों के अधिकारों की रक्षा नहीं करनी चाहिए।
- 02उन्होंने न्यायपालिका के लिए पारदर्शिता और सुधार की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया।
- 03मुख्य न्यायाधीश ने छात्रों से संवाद करते हुए न्याय की पहुंच और कानूनी प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग पर चर्चा की।
- 04उन्होंने न्यायपालिका की विश्वसनीयता के लिए गलतियों को सुधारने की क्षमता को जरूरी बताया।
- 05सीजेआई ने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया।
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भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका की सुलभता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि अदालतें केवल उन लोगों के अधिकारों की रक्षा करती हैं जो मुकदमा लड़ने का खर्च उठा सकते हैं, तो वे अपने दायित्व का निर्वहन नहीं कर रही हैं। न्यायपालिका को आम नागरिकों के लिए सुलभ होना चाहिए ताकि सभी को न्याय मिल सके। उन्होंने पारदर्शिता और सुधार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया, यह कहते हुए कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता का विश्वास हासिल करने के लिए निरंतरता और अपनी गलतियों को सुधारने की क्षमता होनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान, मुख्य न्यायाधीश ने छात्रों के साथ न्याय की पहुंच, कानूनी प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की, जिससे उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया।
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मुख्य न्यायाधीश के विचारों से न्यायपालिका की सुलभता और पारदर्शिता पर जोर दिया गया है, जो आम नागरिकों को प्रभावित करेगा।
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