H-1B वीजा में बदलाव से भारतीयों की चिंताएँ बढ़ीं, नए बिल का प्रस्ताव
H-1B: डोनाल्ड ट्रंप के सांसद ने बढ़ाई भारतीयों की टेंशन, H-1B वीजा में बड़े बदलाव की तैयारी, ग्रीन कार्ड पर संकट
Image: Nbt Navbharattimes
अमेरिकी सांसद चिप रॉय ने H-1B वीजा प्रोग्राम में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जिसमें स्थायी निवास पर रोक और वीजा की अवधि को दो साल करने का सुझाव शामिल है। यह बिल भारतीय नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकता है।
- 01चिप रॉय ने 'अमेरिकन व्हाइट-कॉलर वर्कर जॉब्स एक्ट' पेश किया है, जिसमें H-1B वीजा के स्थायी निवास के उपयोग पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।
- 02बिल में H-1B वीजा की अधिकतम अवधि को छह साल से घटाकर दो साल करने का सुझाव दिया गया है।
- 03डुअल इंटेंट प्रावधान को हटाने से H-1B वीजा होल्डर्स को स्थायी निवास के लिए आवेदन करने में कठिनाई होगी।
- 04बिल का मकसद अमेरिकी कर्मचारियों को प्राथमिकता देना और विदेशी कर्मचारियों की संख्या को नियंत्रित करना है।
- 05यदि यह बिल पास होता है, तो इसका सबसे बड़ा असर भारतीय नागरिकों पर पड़ेगा, जो H-1B वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी हैं।
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वॉशिंगटन में, अमेरिका के सांसद चिप रॉय ने H-1B वीजा प्रोग्राम में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है, जिसे 'अमेरिकन व्हाइट-कॉलर वर्कर जॉब्स एक्ट' कहा गया है। इस बिल के तहत, H-1B वीजा के स्थायी निवास के लिए आवेदन करने पर रोक लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, वीजा की अवधि को छह साल से घटाकर दो साल करने और डुअल इंटेंट प्रावधान को हटाने का प्रस्ताव भी शामिल है। चिप रॉय का कहना है कि पिछले वर्षों में H-1B सिस्टम का दुरुपयोग हुआ है, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को दरकिनार किया गया है। यदि यह बिल कानून बनता है, तो इसका सबसे बड़ा प्रभाव भारतीय नागरिकों पर पड़ेगा, जो H-1B वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी रहे हैं। इस प्रस्तावित कानून को कांग्रेस के दोनों सदनों से पास होना आवश्यक है।
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भारतीय नागरिकों के लिए H-1B वीजा से स्थायी निवास में परिवर्तन करना मुश्किल हो जाएगा।
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