शिमला के ऐतिहासिक यूएस क्लब गेट के ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
विरासत बचाने के लिए क्या प्रयास किए? शिमला के ऐतिहासिक US क्लब गेट तोड़ने पर भड़का HC, सुक्खू सरकार और MC से मांगा जवाब
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हिमाचल प्रदेश के शिमला में यूएस क्लब के ऐतिहासिक गेट को ध्वस्त करने के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने सरकार और नगर निगम से विस्तृत जवाब मांगा है, यह बताते हुए कि इस संरचना को क्यों हटाया गया। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
- 01यूएस क्लब का गेट 1844 में बनाया गया था और यह शिमला की औपनिवेशिक स्थापत्य का प्रतीक है।
- 02हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सड़क चौड़ीकरण के लिए गेट को हटाना आवश्यक था, तो इसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने की कोशिश करनी चाहिए थी।
- 03अदालत ने पीडब्ल्यूडी और नगर निगम शिमला को नोटिस जारी किया है।
- 04अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी, जिसमें अधिकारियों को स्थिति रिपोर्ट पेश करनी होगी।
- 05यह मामला मीडिया रिपोर्टों के बाद अदालत में पहुंचा, जिसमें गेट के ध्वस्तीकरण की जानकारी दी गई थी।
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हिमाचल प्रदेश के शिमला में यूएस क्लब के ऐतिहासिक गेट को सड़क चौड़ीकरण के दौरान ध्वस्त करने के मामले में हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार और नगर निगम शिमला से विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि सड़क चौड़ीकरण के लिए इस ऐतिहासिक धरोहर को हटाना आवश्यक था, तो संबंधित विभागों को इसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने और पुनर्निर्माण के प्रयास करने चाहिए थे। यूएस क्लब का गेट 1844 में बना था और यह शिमला की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि प्रशासन ने इस संरचना को सुरक्षित रखने के लिए कोई वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं खोजा। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी, जिसमें अधिकारियों को स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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इस मामले का स्थानीय विरासत संरचनाओं के संरक्षण पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
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