भारत-नेपाल के बीच बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई पर महत्वपूर्ण बैठक
भारत-नेपाल के बीच बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई पर अहम बैठक, कोसी और गंडक परियोजनाओं के विवाद सुलझाने पर होगा मंथन
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भारत और नेपाल के बीच कोसी और गंडक परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए 30 अप्रैल से 1 मई तक काठमांडू में एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और परियोजनाओं के प्रभावी संचालन पर रणनीति बनाई जाएगी।
- 01कोसी और गंडक परियोजनाओं पर चर्चा के लिए बैठक काठमांडू में होगी।
- 02बैठक में बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- 03बिहार सरकार ने बैठक के लिए एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है।
- 04बैठक में तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय मुद्दों पर विचार होगा।
- 05भविष्य की कार्ययोजना तय होने की उम्मीद है।
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भारत और नेपाल के बीच कोसी और गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (जेसीकेजेपी) की 11वीं बैठक 30 अप्रैल से 1 मई तक काठमांडू, नेपाल में आयोजित की जाएगी। यह बैठक बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था और परियोजनाओं के प्रभावी संचालन पर रणनीति बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। बिहार सरकार की पहल पर होने वाली इस बैठक में विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल में जल संसाधन विभाग के उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी के नेतृत्व में पांच सदस्य शामिल होंगे। बैठक में कोसी और गंडक परियोजनाओं से संबंधित कई मुद्दों पर विचार किया जाएगा, जैसे कि अवसंरचना का रखरखाव, बाढ़ पूर्वानुमान गतिविधियाँ, और जल निकासी अवरोध से संबंधित समस्याएँ। इस बैठक से लंबित विषयों के समाधान और भविष्य की कार्ययोजना तय होने की अपेक्षा है।
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इस बैठक से बिहार में बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है, जो स्थानीय किसानों और निवासियों के लिए फायदेमंद होगा।
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