दिल्ली में धूल प्रदूषण कम करने के लिए एमसीडी ने जोड़े आठ नए सफाई वाहन
धूल प्रदूषण के खिलाफ जंग में एमसीडी में शामिल हुए आठ वाहन, रोज 320 किमी अतिरिक्त सड़कों की होगी सफाई

Image: Jagran
दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नगर निगम ने आठ नए मैकेनिकली सड़क सफाई वाहन शामिल किए हैं। ये वाहन 320 किलोमीटर सड़कों की सफाई में मदद करेंगे, जिससे धूल प्रदूषण में कमी आएगी। महापौर ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि यह कदम शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाएगा।
- 01नए वाहन 60 फीट चौड़ी सड़कों पर धूल प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे।
- 02प्रत्येक वाहन की लागत 58.69 लाख रुपये है और इनकी उपयोगी आयु 10 वर्ष निर्धारित की गई है।
- 03महापौर ने बताया कि मौजूदा 52 मशीनों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य है।
- 04इन वाहनों की गुणवत्ता की जांच आईआईटी दिल्ली द्वारा की गई है।
- 05महापौर ने कहा कि ये मशीनें सफाई कर्मियों की सुरक्षा को भी बेहतर बनाएंगी।
Advertisement
In-Article Ad
दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने मंगलवार को आठ नए मैकेनिकली सड़क सफाई वाहनों को शामिल किया। महापौर प्रवेश वाही और निगमायुक्त संजीव खिरवार ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाई। ये वाहन 60 फीट चौड़ी सड़कों पर धूल प्रदूषण को कम करने में सहायता करेंगे और प्रतिदिन 320 किलोमीटर सड़कों की सफाई करेंगे। महापौर ने कहा कि यह कदम भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत उठाया गया है। प्रत्येक वाहन की लागत 58.69 लाख रुपये है और इनकी अनुमानित उपयोगी आयु 10 वर्ष है। महापौर ने बताया कि निगम के पास पहले से 52 मशीनें थीं, जो पीडब्ल्यूडी की 1400 किलोमीटर सड़कों पर सफाई करती थीं। नए वाहनों के साथ, निगम का लक्ष्य इन मशीनों की संख्या दोगुनी करना है, जिससे सफाई की आवृत्ति बढ़ सके। इसके अलावा, निगमायुक्त ने ओखला लैंडफिल साइट का दौरा कर अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
Advertisement
In-Article Ad
नए सफाई वाहनों के जुड़ने से दिल्ली की सड़कों पर धूल प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे नागरिकों की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ उठाए गए कदम प्रभावी होंगे?
Connecting to poll...
More about दिल्ली नगर निगम
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।






