मुस्कान समूह की महिलाएं बोटिंग से बनीं आत्मनिर्भर
बोटिंग से आत्मनिर्भर बनी मुस्कान समूह की महिलाएं

Image: Globalherald
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह ने बोटिंग गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। इस समूह ने पिलखा डैम में बोटिंग शुरू कर 74,000 रुपये की शुद्ध आय अर्जित की है, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
- 01मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह ने पिलखा डैम में बोटिंग गतिविधियों की शुरुआत की है।
- 02बोटिंग की टिकट दर 50 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित की गई है।
- 03समूह ने अब तक 74,000 रुपये की शुद्ध आय अर्जित की है।
- 04महिलाओं ने बाहरी मदद के बिना बोटिंग संचालन और पर्यटकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।
- 05यह पहल ग्रामीण महिला उद्यमिता और सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण है।
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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह ने बोटिंग गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। पिलखा डैम में स्थित इस समूह ने स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोटिंग की शुरुआत की, जिसमें 10 सदस्यीय समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह और सचिव श्रीमती यशोदा दास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बोटिंग की टिकट दर 50 रुपये प्रति व्यक्ति रखी गई है, जिससे समूह ने अब तक 74,000 रुपये की शुद्ध आय अर्जित की है। प्रारंभ में, महिलाओं को संसाधनों की कमी और तकनीकी ज्ञान की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी एकजुटता और दृढ़ संकल्प ने उन्हें सफल बनाया। यह पहल न केवल महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
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यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।
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