सुन्नी बांध प्रोजेक्ट: मंडी और शिमला के 12 गांवों की भूमि का अधिग्रहण शुरू
सुन्नी बांध प्रोजेक्ट: मंडी-शिमला के 12 गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण, ऊर्जा विभाग ने जारी की अधिसूचना
Amar Ujala
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शिमला और मंडी जिलों में सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना के लिए कुल 09-10-99 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत प्रभावित परिवारों के विस्थापन की संभावना नहीं है, लेकिन किसानों ने परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
- 01सुन्नी बांध परियोजना के लिए 09-10-99 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
- 02किसानों के विस्थापन की संभावना नहीं है।
- 03भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत भूमि पर लेनदेन पर रोक।
- 04परियोजना से ऊर्जा उत्पादन क्षमता में वृद्धि की उम्मीद।
- 05किसानों ने परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
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शिमला और मंडी जिलों में सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना के लिए 09-10-99 हेक्टेयर (117-12-11 बीघा) निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रभावित गांवों में शिमला जिले के मंगना, लुंसू, जैशी, भरारा, माजरोग और मंडी जिले के भौरा, जकलीन, मगन, फाफन, परलोग, बेलुधांक और खारयाली शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार, भूमि अधिग्रहण के बावजूद किसी भी परिवार के विस्थापित होने की संभावना नहीं है। इस परियोजना से प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में वृद्धि की उम्मीद है, साथ ही यह क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में भी सहायक होगी। हालांकि, परियोजना के खिलाफ किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और उन्होंने निर्माण कार्य रोक दिया है। किसानों का कहना है कि यह परियोजना उनके अधिकारों का उल्लंघन करती है।
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इस परियोजना से स्थानीय ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे बिजली की उपलब्धता में सुधार होगा।
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