जम्मू-कश्मीर का बैंकिंग सिस्टम: चुनौतियों के बावजूद बढ़ता कारोबार
Jammu Kashmir: चुनौतियों के बावजूद मजबूत रहा जम्मू-कश्मीर का बैंकिंग सिस्टम, कारोबार 3.35 लाख करोड़ के पार
Amar Ujala
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जम्मू-कश्मीर का बैंकिंग क्षेत्र पिछले वित्तीय वर्ष में कई चुनौतियों के बावजूद मजबूत रहा, जिसमें कारोबार 3.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जमा राशि में 8% और ऋण में 9% की वृद्धि हुई, जिससे छोटे कारोबारों को अधिक कर्ज मिल रहा है।
- 01जम्मू-कश्मीर का बैंकिंग कारोबार 3.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा।
- 02जमा राशि में 8% और ऋण में 9% की वृद्धि हुई।
- 03किसानों और एमएसएमई को दिए गए कर्ज में 21% की बढ़ोतरी हुई।
- 04एनपीए में 15% की कमी आई।
- 05क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो 62.59% तक बढ़ा।
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जम्मू-कश्मीर का बैंकिंग क्षेत्र पिछले वित्तीय वर्ष में कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद मजबूती से आगे बढ़ा है। यूटी लेवल बैंकर्स कमेटी (यूटीएलबीसी) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही तक बैंकिंग कारोबार 3.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 3.10 लाख करोड़ रुपये से 8% की वृद्धि दर्शाता है। जमा राशि 2,06,507 करोड़ रुपये और ऋण 1,29,262 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो क्रमशः 8% और 9% की वृद्धि है। छोटे कारोबारों, खासकर किसानों और एमएसएमई को दिए गए कर्ज में 21% की वृद्धि हुई, जिससे इनका कुल कर्ज में हिस्सा 44% तक पहुंच गया। इसके अलावा, एनपीए में भी 15% की कमी आई है, जो बैंकिंग क्षेत्र में बेहतर ऋण वसूली प्रबंधन को दर्शाता है। प्रो. अश्विनी नंदा, अर्थशास्त्री, ने कहा कि ये आंकड़े जम्मू-कश्मीर में आर्थिक गतिविधियों की संभावित वृद्धि का संकेत देते हैं।
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बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती से छोटे कारोबारों को अधिक कर्ज मिल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना है।
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