महंगाई में वृद्धि के तीन मुख्य कारण: तेल, युद्ध और मानसून
तेल, युद्ध और मानसून... इन 3 वजहों से फिर बढ़ सकती है महंगाई
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भारत में खुदरा महंगाई अप्रैल 2026 में 3.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो मार्च में 3.4 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया में तनाव और कमजोर मानसून महंगाई को बढ़ा सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने FY27 के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 प्रतिशत लगाया है।
- 01अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई 3.5 प्रतिशत पर पहुंची।
- 02खाद्य महंगाई अप्रैल में 4 प्रतिशत हो गई।
- 03रेस्टोरेंट सेवाओं की महंगाई 4.2 प्रतिशत तक बढ़ी।
- 04कच्चे तेल की कीमतें युद्ध से पहले के मुकाबले 40 प्रतिशत ऊपर हैं।
- 05भारतीय रिजर्व बैंक ने FY27 के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 प्रतिशत लगाया है।
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भारत में खुदरा महंगाई अप्रैल 2026 में 3.5 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मार्च में 3.4 प्रतिशत थी। खाने-पीने की चीजों और रेस्टोरेंट सेवाओं की कीमतों में तेजी का असर महंगाई पर स्पष्ट है। अप्रैल में खाद्य महंगाई 4 प्रतिशत हो गई, जबकि रेस्टोरेंट सेवाओं की महंगाई 4.2 प्रतिशत तक बढ़ गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जो युद्ध से पहले के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक हैं, और कमजोर मानसून जैसी चुनौतियां महंगाई को और बढ़ा सकती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने FY27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 4.6 प्रतिशत लगाया है, जबकि कोर इन्फ्लेशन 4.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हालांकि, वर्तमान में महंगाई RBI की तय सीमा के भीतर रहने की संभावना है, लेकिन आने वाले महीनों में जोखिम बढ़ सकते हैं।
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महंगाई में वृद्धि से आम उपभोक्ताओं पर खाद्य और रेस्टोरेंट सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पड़ेगा, जिससे उनके खर्चे बढ़ सकते हैं।
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