सीडीएस जनरल अनिल चौहान का चीन सीमा पर भविष्य की योजनाओं का खुलासा
'अब अगले 'सिंदूर' की बारी...', चीन बॉर्डर पर पहुंचे CDS चौहान ने बताया फ्यूचर प्लान
Aaj Tak
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने उत्तराखंड में चीन सीमा के निकट अपने कार्यकाल और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता और थियेटर कमांड के महत्व पर जोर दिया, साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
- 01जनरल अनिल चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता की बात की।
- 02थियेटर कमांड को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
- 03सीमांत गांवों के विकास के लिए म्यूज़ियम बनाने की योजना।
- 04स्थानीय आपदाओं के पुनर्निर्माण में सेना की भूमिका।
- 05सैन्य भावना और राष्ट्रीयता को बढ़ावा देने के लिए थिंक टैंक की स्थापना।
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा के निकट हर्षिल और माणा गांव का दौरा किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के सफल कार्यान्वयन के बारे में बताया, जो जल, थल, वायु, साइबर और स्पेस में लड़ा गया। जनरल चौहान ने कहा कि भविष्य के युद्ध के लिए सिचुएशनल अवेयरनेस और तीनों सेनाओं के बीच इंटीग्रेशन पर जोर देना आवश्यक है। उन्होंने थियेटर कमांड को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक बेहतर प्रणाली बताया और कहा कि इसके लिए मतभेद दूर कर लिए गए हैं। इसके अलावा, सीमांत क्षेत्रों में म्यूज़ियम बनाने और 1962 की जंग में विस्थापित गांवों को सांस्कृतिक और पर्यटक गांव के रूप में विकसित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। स्थानीय आपदाओं के पुनर्निर्माण में सेना की मदद की आवश्यकता को भी जनरल चौहान ने स्वीकार किया।
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सीमांत गांवों का विकास और स्थानीय आपदाओं का पुनर्निर्माण स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और पर्यटन के अवसर पैदा करेगा।
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