महिला आरक्षण बिल का गिरना: राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और आरोप
रास्ते का रोड़ा, असंवैधानिक तरकीब, खोखली कोशिश... महिला आरक्षण बिल पर शाह से राहुल-प्रियंका तक, किसने क्या कहा
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महिला आरक्षण बिल, जो संसद में 33% महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करता था, लोकसभा में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जो दो-तिहाई से कम हैं। विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि यह सरकार की असंवैधानिक रणनीति का परिणाम है।
- 01महिला आरक्षण बिल लोकसभा में गिरा, 298 वोट पक्ष में और 230 विरोध में पड़े।
- 02राहुल गांधी ने इसे असंवैधानिक तरकीब बताया।
- 03प्रियंका गांधी ने इसे महिलाओं का हक बताया और कहा कि यह एक दिन हकीकत बनेगा।
- 04अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी की हार करार दिया।
- 05केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं के अधिकारों में बाधा डाल रहे हैं।
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महिला आरक्षण बिल, जो महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता था, शुक्रवार को लोकसभा में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जो दो-तिहाई से कम हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे असंवैधानिक तरकीब बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह महिलाओं का हक है और एक दिन यह हकीकत बनेगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी की हार बताया, जबकि बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कहा कि यह विवादास्पद परिसीमन विधेयक की हार है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं के अधिकारों में बाधा डाल रहे हैं। इस बिल के गिरने को लेकर विभिन्न नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है।
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महिला आरक्षण बिल का गिरना महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
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