TMC में बगावत: ममता बनर्जी की स्थिति और बागियों के बीच फूट
TMC में टूट के बाद बागियों में फूट, ममता बनर्जी के लिए कितनी उम्मीद बाकी?

Image: Aaj Tak
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में विधायकों के बाद सांसदों में भी बगावत की चर्चा है। 23 सांसद बागी गुट से जुड़े हुए हैं, जबकि पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठ रही है। ममता बनर्जी की स्थिति अब और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
- 01TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 23 बागी गुट के संपर्क में हैं।
- 02बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि भविष्य में बहुत कुछ हो सकता है।
- 03गुलशन मलिक और संगीता रॉय बसुनिया ने ममता बनर्जी के नेतृत्व की मांग की है।
- 04बागी विधायकों में नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठ रही है, जिससे ममता बनर्जी की स्थिति चुनौती में है।
- 05बागी गुट में भी आंतरिक मतभेद उभर रहे हैं, जो स्थिति को और जटिल बना रहे हैं।
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) में राजनीतिक संकट गहरा गया है, जहां विधायकों के बाद अब सांसदों के भी बगावत की चर्चा हो रही है। पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 23 बागी गुट के संपर्क में हैं, और 20 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की बातें भी चल रही हैं। बागी गुट का नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं, जिन्होंने कहा है कि 'थोड़ा धैर्य रखिए, बहुत कुछ हो सकता है।' हालाँकि, बागी गुट में भी फूट पड़ गई है, जहां गुलशन मलिक ने नेतृत्व के इरादों पर सवाल उठाया है। ममता बनर्जी ने इस स्थिति को संभालने के लिए कोलकाता में एक विशेष बैठक बुलाई है। बैठक में बागी विधायकों ने ममता के नेतृत्व को बनाए रखने की मांग की है, और यदि ऐसा नहीं होता है, तो वे अपने गुट में बने रहने पर विचार करेंगे। इस बीच, बागी गुट के भीतर भी असहमति के संकेत मिल रहे हैं, जिससे ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
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TMC में बगावत से पार्टी की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है, जिससे ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न उठ रहे हैं।
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