पश्चिम बंगाल में TMC के बागी विधायकों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर फूट
'ममता बनर्जी ही हमारी नेता, हम नहीं मानेंगे', अब TMC के बागी गुट में फूट

Image: Aaj Tak
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मतभेद उभर आए हैं। 60 विधायकों ने ममता बनर्जी को नेता मानने से इनकार किया है, यदि वह मार्गदर्शक बनकर रह जाती हैं। गुलशन मलिक ने कहा कि ममता ही उनकी नेता हैं।
- 01TMC से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की अगुवाई में 60 विधायक बागी हो गए हैं।
- 02विधानसभा के स्पीकर ने बागी गुट को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी है।
- 03गुलशन मलिक ने कहा कि ममता बनर्जी ही उनकी नेता हैं, मार्गदर्शक नहीं।
- 04बागी गुट में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आंतरिक मतभेद सामने आए हैं।
- 05हावड़ा जिले के विधायकों ने ममता के नेतृत्व को चुनौती दी है।
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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत के चलते पार्टी के 60 विधायक बागी हो गए हैं। इन बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व में विधानसभा के स्पीकर से नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता प्राप्त की है। हाल ही में, बागी गुट में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मतभेद उभर आए हैं। हावड़ा के टीएमसी विधायक गुलशन मलिक ने स्पष्ट किया है कि अगर ममता बनर्जी केवल मार्गदर्शक बनती हैं और अपनी नेतृत्व की भूमिका छोड़ती हैं, तो वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ममता ही उनकी नेता हैं और इस बात पर बागी गुट के अन्य विधायकों के साथ चर्चा भी हुई है। इस स्थिति ने TMC के भीतर एक नए संकट को जन्म दिया है, जिससे पार्टी की एकता और भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
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TMC के बागी विधायकों के बीच चल रही उठापटक से पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
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