सीहोर में स्कूल मरम्मत फंड में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया
शिक्षा के नाम पर 'बड़ा खेल', स्कूलों की मरम्मत राशि डकार गए जिम्मेदार, घटिया काम के बावजूद निकाल लिए लाखों रुपए
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मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के मरम्मत कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। स्कूलों के लिए जारी की गई राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिससे घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और कई कार्य अधूरे छोड़ दिए गए।
- 01सीहोर जिले के सरकारी स्कूलों में मरम्मत कार्यों के लिए पांच लाख रुपए की राशि जारी की गई थी।
- 02भ्रष्टाचार के कारण स्कूलों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ।
- 03कई कार्य अधूरे छोड़ दिए गए, जिससे शिक्षकों और प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ा।
- 04विभागीय इंजीनियरों ने समय पर निरीक्षण नहीं किया, जिससे ठेकेदारों ने मनमानी की।
- 05जांच जारी है, लेकिन पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं।
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मध्यप्रदेश के सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के मरम्मत कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। शासन ने प्रत्येक स्कूल के लिए लगभग पांच लाख रुपए की राशि जारी की थी, जिसका दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि ठेकेदारों ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल करते हुए कई स्कूलों में आधे-अधूरे कार्य किए। कुछ स्कूलों में कार्य शुरू होने के बाद भी उन्हें बीच में छोड़ दिया गया, जिससे शिक्षक और स्कूल प्रशासन परेशान हैं। कई शिक्षकों ने बताया कि कार्य उनकी आवश्यकताओं के अनुसार नहीं हुए और जो कार्य हुए भी, वे गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। शिक्षा विभाग द्वारा सत्यापन के दौरान कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए, लेकिन फिर भी अधूरे और निम्नस्तरीय कार्यों के लिए पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। इस मामले की जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं है कि यह खेल किसके संरक्षण में हुआ।
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इस भ्रष्टाचार के कारण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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