पश्चिम बंगाल में TMC की आंतरिक कलह, क्या होगा ममता बनर्जी का भविष्य?
बंगाल में भी महाराष्ट्र वाला खेला! TMC विधायकों की सीक्रेट मीटिंग ने बढ़ाई टेंशन, ममता का भी होगा उद्धव-शरद जैसा हाल?

Image: News 18 Hindi
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधानसभा चुनाव में हार के बाद गंभीर संकट का सामना कर रही है। पार्टी में असंतोष और बागी विधायकों की सीक्रेट मीटिंग्स ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ममता बनर्जी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ चेतावनी दी है, लेकिन अभी तक कोई बड़ा विद्रोह सामने नहीं आया है।
- 01TMC के विधायकों की सीक्रेट मीटिंग्स में पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक बदलाव पर चर्चा हो रही है।
- 02पार्टी ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित किया, जिससे असंतोष और बढ़ा।
- 03ममता बनर्जी ने पार्टी को कमजोर करने के लिए 'संगठित कोशिश' की बात की।
- 04राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल महाराष्ट्र जैसी बगावत की स्थिति नहीं है।
- 05लगभग 15 से 20 विधायक असंतुष्ट नेताओं के संपर्क में हैं, जो नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को विधानसभा चुनाव में हार के बाद गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के भीतर असंतोष और बागी नेताओं की गतिविधियों ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में, पार्टी से निष्कासित विधायकों ने कोलकाता में सीक्रेट मीटिंग्स की, जिसमें पार्टी के भविष्य और एक नए राजनीतिक विकल्प पर चर्चा की गई। ममता बनर्जी ने अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी को कमजोर करने की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभी तक कोई बड़ा विद्रोह नहीं हुआ है, क्योंकि किसी बड़े समूह ने खुलकर नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला है। यदि असंतुष्ट नेता और विधायक खुलकर सामने आते हैं, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर असंतोष से राजनीतिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
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