दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक मामले में चौथा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
संसद सुरक्षा चूक मामले में दिल्ली पुलिस ने चौथा पूरक आरोपपत्र किया दाखिल, UAPA की गंभीर धाराएं जोड़ीं
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संसद की सुरक्षा चूक मामले में चौथा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को तय की है।
- 01आरोपपत्र में कुल 13,967 पन्ने शामिल हैं, जिसमें आतंकी कृत्य और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं जोड़ी गई हैं।
- 02अदालत ने आरोपितों को पूरक आरोपपत्र की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
- 03दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र की कॉपी सभी आरोपितों और उनके अधिवक्ताओं को पेन ड्राइव के माध्यम से दी है।
- 04बचाव पक्ष ने नए आरोपपत्र के दाखिल होने पर आपत्ति जताई है, इसे कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।
- 05अगली सुनवाई की तारीख 29 मई 2026 निर्धारित की गई है।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में चौथा पूरक आरोपपत्र पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाखिल किया है। इस आरोपपत्र में 13,967 पन्नों का विवरण है, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकी कृत्य, आपराधिक साजिश और दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। यह मामला 13 दिसंबर 2023 को संसद भवन में हुई सुरक्षा चूक से संबंधित है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को निर्धारित की है। आरोपितों के अधिवक्ताओं को आरोपपत्र की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। बचाव पक्ष ने नए आरोपपत्र के दाखिल होने पर आपत्ति जताई है, यह कहते हुए कि जब अदालत आरोप तय करने पर बहस कर रही है, तब नया आरोपपत्र दाखिल करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
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इस मामले का निपटारा सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, जो आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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