अब्दुल रहीम की जेल से रिहाई: 20 साल की सजा और 34 करोड़ की 'ब्लड मनी'
मौत की सजा, 20 साल जेल, 34 करोड़ ब्लड मनी... सऊदी से लौटे अब्दुल की कहानी

Image: Aaj Tak
अब्दुल रहीम, केरल के निवासी, ने सऊदी अरब में 20 साल जेल में बिताए। उन्हें 34 करोड़ रुपए की 'ब्लड मनी' जुटाने के बाद रिहा किया गया। उन्होंने जेल के अनुभव, अपने डर और सपनों को फिर से संवारने की कोशिशों के बारे में बताया।
- 01अब्दुल रहीम ने 2006 में सऊदी अरब जाकर एक कार दुर्घटना में एक बच्चे की मौत के बाद हत्या के आरोप में जेल में 20 साल बिताए।
- 02उनकी रिहाई के लिए 34 करोड़ रुपए की 'ब्लड मनी' जुटाई गई, जो मलयाली समुदाय के सहयोग से संभव हुई।
- 03जेल में बिताए समय के दौरान उन्होंने कई कैदियों को मौत की सजा की प्रक्रिया से गुजरते देखा।
- 04रिहाई के बाद, उन्होंने अपनी मां से मिलने का अनुभव साझा किया, जो उनके लिए बेहद भावुक था।
- 05रहीम ने कहा कि उनकी रिहाई उनके लिए 'दूसरा जन्म' थी।
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अब्दुल रहीम, जो केरल के कोझिकोड से हैं, ने सऊदी अरब में लगभग 20 साल बिताए, जहां उन्हें एक दुर्घटना के बाद हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। उनकी रिहाई के लिए 34 करोड़ रुपए की 'ब्लड मनी' जुटाई गई, जो दुनिया भर में फैले मलयाली समुदाय के सहयोग से संभव हुई। जेल में बिताए वर्षों के दौरान, उन्होंने न केवल अपने डर का सामना किया, बल्कि कई कैदियों को मौत की सजा की प्रक्रिया से गुजरते भी देखा। जब उन्हें पता चला कि उनके लिए धन जुटाया जा रहा है, तो उन्हें उम्मीद की एक नई किरण मिली। आखिरकार, जब यह सुनिश्चित हुआ कि राशि जुटा ली गई है, तो उन्होंने इसे अपने लिए एक नए जन्म के समान बताया। रिहाई के बाद, उन्होंने अपनी मां से मिलने का अनुभव साझा किया, जो उनके लिए बेहद भावुक था। अब, वह एक नई दुनिया में लौट आए हैं, जहां उन्हें फिर से सपने देखने की चुनौती का सामना करना है। उनकी कहानी इंसानी एकजुटता और सामूहिक प्रयास की प्रतीक बन गई है।
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अब्दुल रहीम की रिहाई ने न केवल उनके परिवार को राहत दी, बल्कि मलयाली समुदाय में एकजुटता और सहानुभूति की भावना को भी बढ़ावा दिया।
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