राजस्थान में दुर्लभ कैरेकल बिल्ली के संरक्षण के लिए नई योजना
राजस्थान में दुर्लभ 'कैरेकल' बिल्ली को बचाने की अनोखी योजना, गांव वालों को मुआवजे में मिलेगी बकरी

Image: Jagran
राजस्थान सरकार ने दुर्लभ कैरेकल बिल्ली के संरक्षण के लिए एक योजना बनाई है, जिसमें सवाईमाधोपुर और जैसलमेर में बकरी बैंक स्थापित किया जाएगा। योजना के तहत, यदि कैरेकल किसी ग्रामीण की बकरी का शिकार करता है, तो उसे तुरंत एक नई बकरी दी जाएगी, जिससे ग्रामीणों और कैरेकल के बीच संघर्ष को कम किया जा सके।
- 01राजस्थान में लगभग 35 कैरेकल बिल्लियाँ हैं, जिनमें से 28 रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पाई जाती हैं।
- 02बकरी बैंक में प्रारंभ में 25 बकरियाँ रखी जाएँगी, और आवश्यकता अनुसार उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
- 03कैरेकल मुख्य रूप से बकरियों का शिकार करता है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी थी।
- 04वन विभाग और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया मिलकर कैरेकल के संरक्षण पर काम कर रहे हैं।
- 05कैरेकल को मध्य पूर्व, अफ्रीका और केंद्रीय एशिया के जंगलों में अधिक पाया जाता है।
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राजस्थान सरकार ने दुर्लभ कैरेकल बिल्ली (सियागोश) के संरक्षण के लिए एक नई योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत, सवाईमाधोपुर में अनुसंधान केंद्र और जैसलमेर में बकरी बैंक स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में राज्य में लगभग 35 कैरेकल बिल्लियाँ हैं, जिनमें से 28 रणथंभौर टाइगर रिजर्व में और 6-7 जैसलमेर जिले में पाई जाती हैं। हाल ही में जैसलमेर में एक कैरेकल द्वारा ग्रामीणों की बकरियों का शिकार करने की घटना के बाद, सरकार ने योजना बनाई है कि यदि कैरेकल किसी बकरी का शिकार करता है, तो ग्रामीण को तुरंत एक नई बकरी प्रदान की जाएगी। इस बकरी बैंक में शुरू में 25 बकरियाँ रखी जाएँगी, और बाद में उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। जैसलमेर के डीएफओ शुभम कुमार ने बताया कि ग्रामीणों और कैरेकल के बीच संघर्ष को कम करना प्राथमिकता है। कैरेकल एक शर्मिला शिकारी है, जो मुख्य रूप से बकरियों का शिकार करता है। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहयोग से इस बिल्ली के संरक्षण के लिए अध्ययन भी किया जा रहा है।
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यह योजना ग्रामीणों को कैरेकल के हमलों से होने वाले नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगी, जिससे उनकी आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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