उत्तर प्रदेश में गाय के गोबर से बने लट्ठों से बढ़ेगी महिलाओं की आय और पर्यावरण की सुरक्षा
UP: गाय के गोबर से बनेंगे लट्ठे, लकड़ी की जगह ईंधन का बनेंगे विकल्प; महिलाओं की बढ़ेगी आय
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश में 48 गोशालाओं में गाय के गोबर से लट्ठे बनाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह परियोजना महिलाओं को रोजगार प्रदान करेगी और लकड़ी के उपयोग को कम करके पर्यावरण की रक्षा करेगी। गोबर के लट्ठे, जो लकड़ी के आकार के होंगे, सस्ते ईंधन का विकल्प देंगे और घरेलू गैस संकट के समय में सहायक साबित होंगे।
- 0148 गोशालाओं में गाय के गोबर से लट्ठे बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- 02प्रारंभ में पांच मशीनें गोशालाओं में लगाई जाएंगी, जबकि अन्य मशीनें भी आने वाली हैं।
- 03एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से महिलाओं को मशीन चलाने और लट्ठे बेचने में मदद मिलेगी।
- 04गोबर के लट्ठे लकड़ी के स्थान पर एक सस्ता और सुलभ ईंधन विकल्प प्रदान करेंगे।
- 05इस परियोजना से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी और लकड़ी की कटाई में कमी आएगी।
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उत्तर प्रदेश में 48 गोशालाओं में गाय के गोबर से लट्ठे बनाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस परियोजना के तहत, पांच मशीनें गोशालाओं में स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य मशीनें भी जल्द ही आएंगी। एनजीओ स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर इन मशीनों का संचालन करेंगे, जिससे महिलाओं को मशीन चलाने और गोबर से लट्ठे बनाने में मदद मिलेगी। ये लट्ठे लकड़ी के आकार में होंगे और बाजार में सस्ते दर पर उपलब्ध होंगे। गोबर के लट्ठे का उपयोग लकड़ी के स्थान पर किया जाएगा, जिससे पर्यावरण की रक्षा होगी और लकड़ी की खपत में कमी आएगी। इस प्रकार, यह परियोजना घरेलू गैस संकट के समय में एक अच्छा विकल्प साबित होगी। गोबर के लट्ठे को उपलों की तुलना में आसानी से बाजार में लाया जा सकेगा और इन्हें कम जगह में रखा जा सकेगा। इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।
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यह परियोजना महिलाओं को रोजगार प्रदान करेगी और पर्यावरण की रक्षा में मदद करेगी।
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