पंचकूला में 200 करोड़ के शामलात भूमि विवाद पर सरकार ने मांगी रिपोर्ट
पंचकूला में 200 करोड़ की शामलात भूमि का विवाद; स्वामित्व को लेकर फिर घमासान, सरकार ने मांगी रिपोर्ट

Image: Jagran
पंचकूला में 72 बीघा शामलात भूमि के स्वामित्व को लेकर विवाद बढ़ गया है। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें आरोप है कि पूर्व उपायुक्त ने अवैध रूप से पोलो होटल्स के पक्ष में निर्णय लिया।
- 01शामलात भूमि का बाजार मूल्य 200 करोड़ से अधिक है।
- 02पूर्व उपायुक्त डा. सुशील सरवन पर आरोप है कि उन्होंने अवैध रूप से निर्णय लिया।
- 03नगर निगम ने कलेक्टर की अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया है।
- 04सुप्रीम कोर्ट ने शामलात भूमि के विभाजन पर रोक लगाई है।
- 05मामला अब सरकार के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
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पंचकूला में 72 बीघा शामलात भूमि का विवाद एक बार फिर सामने आया है, जिसमें हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व उपायुक्त डा. सुशील सरवन ने पोलो होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में निर्णय लिया, जबकि उनके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं था। नगर निगम ने कहा है कि यह भूमि उनकी सीमा में आती है और कलेक्टर की अदालत को इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है। इसके अलावा, नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि शामलात भूमि का विभाजन नहीं किया जा सकता। इस विवाद में यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पंचकूला के सबसे बड़े भूमि विवादों में से एक बन सकता है।
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यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला पंचकूला के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण कानूनी और संपत्ति अधिकारों पर प्रभाव डाल सकता है।
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