रोहतक के जिला पार्षद जयदेव डागर को दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने से रोका गया
दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे रोहतक के जिला पार्षद को पुलिस ने समर्थकों संग हिरासत में लिया, 10 घंटे बाद छोड़ा

Image: Jagran
रोहतक के जिला पार्षद जयदेव डागर और उनके समर्थकों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्हें 10 घंटे बाद रिहा किया गया। डागर ने पुलिस के खिलाफ विरोध जताया।
- 01जयदेव डागर, रोहतक के जिला पार्षद, और उनके 10-12 समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
- 02पुलिस ने उन्हें दिल्ली जाने से रोका, जबकि डागर ने कहा कि वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं।
- 03डागर और उनके समर्थकों को सुबह 7 बजे हिरासत में लिया गया और शाम 4:30 बजे छोड़ा गया।
- 04पुलिस ने डागर के घर पर भी पहुंचकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
- 05छात्र नेता दीपक धनखड़ ने भी पुलिस द्वारा रोकने का आरोप लगाया।
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रोहतक के जिला पार्षद जयदेव डागर और उनके 10-12 समर्थकों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया। यह घटना उस समय हुई जब डागर अपने समर्थकों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें झज्जर-रोहतक की सांपला सीमा पर रोक लिया। डागर ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा है, इसलिए उन्हें रोकना गलत है। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने पर डागर और उनके समर्थकों ने सड़क पर बैठकर विरोध किया। उन्हें सुबह 7 बजे हिरासत में लिया गया और करीब 10 घंटे बाद शाम 4:30 बजे रिहा किया गया। डागर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए पहले उनके घर पर भी पहुंचकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी तरह, छात्र नेता दीपक धनखड़ ने भी पुलिस द्वारा उन्हें रोकने का दावा किया।
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यह घटना स्थानीय राजनीति और प्रदर्शन की स्वतंत्रता पर सवाल उठाती है।
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