भागवत कथा में श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का अद्भुत वर्णन
Baghpat News: भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया

Image: Amar Ujala
हिम्मतपुर सूजती गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित अभिनंदन महाराज ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। इस कथा में रुक्मिणी की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति और विवाह के लिए उनकी प्रार्थना का उल्लेख किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह से सुना।
- 01पंडित अभिनंदन महाराज ने कथा में सेवा और भगवान से प्रेम को जीवन की सार्थकता बताया।
- 02रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति मान लिया था, जबकि उनके भाई रुक्मी ने यह विवाह नहीं चाहा।
- 03रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्रीकृष्ण से अपनी व्यथा साझा की।
- 04भगवान श्रीकृष्ण ने शिशुपाल और अन्य राजाओं को युद्ध में पराजित किया।
- 05इस कथा में श्रद्धालुओं ने मनमोहक झांकियों का आनंद भी लिया।
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हिम्मतपुर सूजती गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक पंडित अभिनंदन महाराज ने इस अवसर पर सेवा और भगवान से प्रेम को मनुष्य जीवन की सार्थकता बताया। उन्होंने बताया कि विदर्भ देश के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी बचपन से ही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और गुणों से मोहित थीं। रुक्मिणी ने मन ही मन श्रीकृष्ण को अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने शिशुपाल से विवाह तय कर दिया था। रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण से विवाह करने की प्रार्थना की। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने शिशुपाल और अन्य राजाओं को युद्ध में पराजित किया और रुक्मिणी को द्वारका ले जाकर उनका विवाह संपन्न किया। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने झांकियों की प्रस्तुति का आनंद लिया। इस कार्यक्रम में प्रधान सनुज राठी, हरपाल सिंह, सौरभ राठी, विकास, अंकुर आदि भी उपस्थित थे।
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इस धार्मिक कार्यक्रम से स्थानीय समुदाय में एकता और भक्ति का संचार होता है।
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