गंगा दशहरा 26 मई को: महत्व और दान के उपाय
गंगा दशहरा 26 मई को
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गंगा दशहरा पर्व 26 मई को मनाया जाएगा, जो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को आता है। इस दिन मां गंगा के धरती पर अवतरण की मान्यता है। गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- 01गंगा दशहरा का पर्व सनातन धर्म में बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है।
- 02इस दिन जल, अन्न और सत्तू का दान विशेष महत्व रखता है।
- 03गंगा स्नान करने से व्यक्ति के दस प्रकार के पापों का नाश होता है।
- 04गंगा दशहरा पर दान करने से जीवन में सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
- 05सत्तू का दान गर्म मौसम में राहत प्रदान करने वाला माना जाता है।
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गंगा दशहरा, जो कि 26 मई को मनाया जाएगा, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को आता है। इस दिन को मां गंगा के धरती पर अवतरण का दिन माना जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान, दान-पुण्य, जप-तप और मां गंगा की पूजा करने से व्यक्ति के दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन जल, अन्न और सत्तू का दान करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जल का दान, जैसे कि जरूरतमंदों को शीतल जल प्रदान करना, पुण्य की प्राप्ति का साधन माना जाता है। इसके अलावा, अन्न का दान भी आवश्यक है, जहां व्यक्ति को कम से कम 10 मुट्टी अनाज दान करने की सलाह दी जाती है। सत्तू का दान गर्मियों में राहत प्रदान करने वाला माना जाता है, जो कि उत्तर भारत में एक पारंपरिक खाद्य पदार्थ है।
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गंगा दशहरा पर दान और पूजा से लोगों को मानसिक और आध्यात्मिक शांति मिलती है।
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