दिल्ली नगर निगम पर आवारा कुत्तों के प्रबंधन में जानकारी छिपाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना
आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर जानकारी छिपाना पड़ा भारी, एमसीडी पर लगा 25 हजार का जुर्माना

Image: Jagran
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को आवारा कुत्तों के प्रबंधन से संबंधित जानकारी छिपाने के लिए केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आवेदक को 10 हजार रुपये का मुआवजा भी दिया जाएगा।
- 01केंद्रीय सूचना आयोग ने एमसीडी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
- 02आवेदक अक्षय कुमार मल्होत्रा ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की जानकारी मांगी थी।
- 03एमसीडी ने जानकारी देने के बजाय आवेदक को एनजीओ के पास भेज दिया।
- 04सीआइसी ने आवेदक को 10 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
- 05एमसीडी को आवारा कुत्तों से संबंधित सभी डेटा को अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है।
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दिल्ली में आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर सूचना का अधिकार (आरटीआइ) के तहत एक नागरिक ने जानकारी मांगी थी। एमसीडी ने जानबूझकर जानकारी देने में रुकावट डाली, जिसके लिए केंद्रीय सूचना आयोग (सीआइसी) ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आवेदक अक्षय कुमार मल्होत्रा ने नसबंदी, टीकाकरण और एनजीओ को दिए गए धन की जानकारी मांगी थी, लेकिन एमसीडी ने उसे एनजीओ के पास भटकने के लिए छोड़ दिया। सीआइसी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आवेदक को 10 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने एमसीडी को निर्देश दिया कि वह आवारा कुत्तों से संबंधित सभी डेटा को अपनी वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से अपलोड करे। यह मामला नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर प्रशासनिक जवाबदेही को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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इस फैसले से आवारा कुत्तों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
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